मोबाइल लेन देन में बढ़ी धोखाधड़ी, ऑनलाइन धोखा से खुद को बचा सकते है, पूरी जानकारी के लिए पढें –

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मोबाइल लेन देन में बढ़ी धोखाधड़ी, ऑनलाइन धोखा से खुद को बचा सकते है, पूरी जानकारी के लिए पढें:


  • लगभग 65 % तक बढ़ा ऑनलाइन लूट
  • क्रेडिट /डेबिट कार्ड लेन देन से ज्यादा खतरा

भारत अब डिजिटल लेनदेन की और बढ़ रहा हैं, यानि की कैशलेस इंडिया को बढ़ावा दिया जा रहा हैं पर साइबर क्राइम बढ़ता ही जा रहा हैं।

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साइबर क्राइम करने वालो को पकड़ा जाना पुलिस के लिए एक चुनौती बना हुआ हैं क्योंकि इस तरह के क्राइम करने वाले बहुत शातिर और वेल क्वालिफाइड होते हैं , किसी भी कोने में बैठ कर यह अपने मनसूबे को कामयाब कर देते हैं। इनको पकड़ना कोई चूहे -बिल्ली का खेल नहीं हैं।

एसोचेम और ईवाई के संयुक्त अध्ययन (साइबर क्राइम ) के मुताबिक इन्टरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के उपभोक्ताओं को 40 -50 % तक लूटा गया हैं। और क्रेडिट /डेबिट कार्ड लेन देन से लूटने के भी मामले सामने आये हैं। पर इसके पीछे असावधानी और लापरवाही भी बताई जा रही हैं। भारत में लगभग 65 % ऐसे मामले दर्ज हैं। हलाकि अमेरिका और अन्य विकसित देश भी इस साइबर क्राइम के गिरफ्त में हैं।

निम्न उपायों के जरिये हम साइबर क्राइम से बच सकते हैं :

– अपना डेबिट /क्रेडिट कार्ड दूसरों को ना दे

– अपना डेबिट /क्रेडिट कार्ड का पासवर्ड न बताये और व्हाट्सएप्प या फेसबुक मैसेज में भी ना करे शेयर

– अपना डेबिट /क्रेडिट कार्ड का 16 अंक भी हर किसीको ना बताये

– साइबर कैफ़े से ऑनलाइन मार्केटिंग ना करे

– साइबर कैफ़े के पीसी को उपयोग करने बाद , राईट बार में क्लिक क्र हिस्ट्री को क्लियर कर दे

– अपना डेबिट /क्रेडिट कार्ड का पासवर्ड महीने में दो बार बदलते रहे

– विश्वसनीय साइट्स से ही ऑनलाइन शोपिंग करे

– ज्यादा लुभावने ऑफर वाले साइट्स को जांच कर लोगइन करे, पर अपना डेबिट /क्रेडिट कार्ड की जानकारी न दे

– बैंक कर्मियों को भी फ़ोन पर अपना डेबिट /क्रेडिट कार्ड की गुप्त जानकारी ना दे

– किसी तरह के शक होने पर बैंक में शिकायत करे

– एटीएम में अकेले जाये और गेट को बंद कर अपना डेबिट /क्रेडिट कार्ड का उपयोग करे। गार्ड को भी अंदर रहने दे जब आप एटीएम यूज़ कर रहे हो

– ज्यादा लालच के चक्कर में ना पड़े और लुभावने फ़ोन कॉल करने वालों को कोई जानकारी ना दे

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