सीसीटीवी फुटेज को देखने व सुरक्षा की खास बातें जानिए-


सीसीटीवी के आने से भले ही चोरियां ना रूकी हों लेकिन चोरों को पकड़ना काफी आसान हो गया है. शायद इसलिए आजकल ना केवल सरकारी बल्कि प्राइवेट स्थानों पर भी सीसीटीवी कैमरे लगे मिल जाएंगे. सीसीटीवी से आसानी से नजर रखा जा सकता है. लेकिन इससे जुड़ी कुछ बातों को हमें सीख लेना चाहिए ताकि किसी प्रकार की समस्या या आपातकाल स्थिति में आप स्वयं की मदद कर पाएं.


सीसीटीवी में रिकॉर्ड होने वाली चीजों को पिछले तारीख में देखने की विधि ज्यादातर मालिकों को पता नहीं होता है. इसके लिए वो किसी और की मदद लेते हैं जो कि सेफ नहीं है औऱ दुसरी बात यदि आप इसे नहीं जानते हैं तो कोई आपको कुछ समय के लिए मूर्ख बनाकर निकल सकता है. इसके साथ-साथ सीसीटीवी लगाने से लेकर इसकी तमाम बातों को देखना होगा नहीं तो आपको जेल भी हो सकती है. लेकिन इससे बचने के आइए हम आपको जानकारियां दे देते हैं.

इन बातों का ख्याल रखें-

  1. कैमरे अच्छी क्वालिटी के लें.
  2. विश्वसनीय एजेंसी या जानकार से इंस्टॉल करवाएं.
  3. इंस्टॉल करने के बाद पासवर्ड सेट करवा लें. पासवर्ड को बदलने की विधि पूछ लें.
  4. बैकअप डेटा कम से कम 15 दिन या इससे अधिक का रखें.
  5. बिना चेक किए बैकअप डेटा डिलिट ना करें.
  6. सरवर रूम को छुपे हुए स्थान पर बनवाएं. वहां हरकिसी को ना जानें दें.

 

कैसे देखेंगे पिछले फुटेज-

ज्यादातर लोग सीसीटीवी में पिछले समय या दिन के फुटेज ही देखना चाहते हैं या फिर इनकी जरूरत होती है तो ऐसे में आपको ये जानकारी जान लेनी चाहिए-

  • यदि एक से अधिक कैमरा लगा है तो किसी एक कैमरे को सिलेक्ट करें.
  • इसके बाद सिलेक्ट कैमरे पर माउस से राइट क्लिक करें.
  • अब इसमें आपको प्लेबैक या वीडियो प्लेबैक लिखा दिख रहा होगा. इस पर क्लिक करें.
  • अब आप अपने हिसाब से टाइम या डेट डालकर पिछले फुटेज को देख सकते हैं.
  • पासवर्ड भूलने पर क्या करें-
  • यदि आप पासवर्ड भूल गए हैं तो छह बार से ज्यादा गलत पासवर्ड डालकर कोशिश ना करें.
  • बहुत जरूरी है तो बाय डिफॉल्ट 8 को छह बार डालकर एंटर करें.
  • यदि फिर भी ना खुला तो कंपनी या एजेंसी से संपर्क करें.

कैमरा चुनें-

बुलेट कैमरा:- यह कैमरा ट्यूब की तरह होता है. इसमें सिल्वर या एल्युमिनियम शेप के कवर में लेंस होते हैं जिससे रेकॉर्डिंग यूनिट जुड़ा रहता है. बाहर की हाई रेजॉल्युशन रेकॉर्डिंग के लिए बेहतर होते हैं.

पीटीजेड कैमरा:- पैन-टिल्ट-जूम स्टाइल के कैमरे सर्विलांस के वक्त दाएं, बाएं तो घुमाए ही जा सकते हैं, साथ ही इन्हें मनचाहे ऑब्जेक्ट पर जूम भी किया जा सकता है.

डे/नाइट कैमरा:- ये खास तरह के कैमरे दिन की अच्छी लाइट में तो कलर रिकॉर्डिंग करते हैं, लेकिन रात में ब्लैक एंड वाइट रिकॉर्डिंग करते हैं.

डोम कैमरा:- इस तरह के कैमरे आसानी से छत पर लगाया जा सकता है. इससे कैमरा लगी जगह का लुक खराब नहीं होता और यह साफ नजर भी नहीं आते. घर या दुकान के भीतर कॉमन एरिया में इस्तेमाल करने के लिए बेहतर होते हैं.

 

जेल जानें से बचें-

किसी भी तरह के स्पाई कैमरे को इस्तेमाल करने से पहले अपनी जरूरत को समझें. ऑपरेट करने से पहले सारे फंक्शन आजमा कर देख लें. किस बटन से क्या होता है इसका पता होना बहुत जरूरी है.

कुछ परिस्थितियों में अपनी सेफ्टी का हथियार आपकी मुसीबत भी बन सकता है. अगर सीसीटीवी के जरिए किसी की अंतरंग तस्वीरें या प्राइवेट फुटेज रिकॉर्ड हो जाती हैं और उन्हें पब्लिक कर दिया जाता है तो इस परिस्थिति में आईटीएक्ट 2000 की सेक्शन 66ई के तहत केस बनता है. इसमें तीन साल की सजा और 2 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है.

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