चिड़िया की चहचहाहट से शुरू होने वाली सुबह कितनी सुहावनी होती है! गौरैया (House Sparrow) भारत की सबसे प्यारी और जानी-पहचानी चिड़िया है जो सदियों से हमारे घरों के आंगन में रहती आई है। लेकिन बढ़ते शहरीकरण और प्रदूषण के कारण इनकी संख्या तेज़ी से घट रही है। इस आर्टिकल में हम चिड़ियों के बारे में रोचक जानकारी और उनकी खूबसूरत तस्वीरें देखेंगे।
चिड़ियों की खूबसूरत तस्वीरें
यहां हमने इंटरनेट पर उपलब्ध चिड़ियों के बेहतरीन फोटो का संग्रह किया है:
फूलों के बीच बैठी एक प्यारी चिड़िया
पेड़ की डाल पर बैठी रंगीन चिड़िया
खूबसूरत चिड़िया का क्लोज़-अप
दाना चुगती हुई चिड़िया
उड़ान भरने को तैयार चिड़िया
झील के किनारे बैठी चिड़िया
रंग-बिरंगी खूबसूरत चिड़िया
घोंसले के पास बैठी चिड़िया
प्यारी सी गौरैया चिड़िया
गौरैया (House Sparrow) के बारे में जानकारी
House Sparrow (Passer domesticus) दुनिया की सबसे आम और सबसे ज़्यादा इंसानों के करीब रहने वाली चिड़िया है। यह छोटी, भूरे-ग्रे रंग की चिड़िया हमारे घरों की छतों, खिड़कियों, और बगीचों में रहती है।
- साइज़ – 14-16 सेमी लंबी, 24-40 ग्राम वज़न
- उम्र – जंगल में 3-5 साल, पालतू में 10+ साल
- अंडे – एक बार में 3-5 अंडे देती है
- खान-पान – अनाज, बीज, कीड़े-मकोड़े, और फल
- आवाज़ – “चीं-चीं” की मीठी आवाज़
भारत में पाई जाने वाली प्रमुख चिड़ियां
भारत में 1,300 से ज़्यादा पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। कुछ प्रमुख चिड़ियां:
| चिड़िया | English Name | विशेषता |
|---|---|---|
| गौरैया | House Sparrow | सबसे आम, घरों में रहती है |
| मोर | Indian Peafowl | भारत का राष्ट्रीय पक्षी |
| कोयल | Asian Koel | मीठी आवाज़ के लिए मशहूर |
| कौआ | Indian Crow | सबसे चतुर पक्षियों में |
| तोता | Rose-ringed Parakeet | हरा रंग, बोलना सीखता है |
| बुलबुल | Red-vented Bulbul | बगीचों की शान |
| किंगफिशर | Common Kingfisher | मछली पकड़ने में माहिर |
| गिद्ध | Indian Vulture | लुप्तप्राय, संरक्षण ज़रूरी |
गौरैया की संख्या क्यों घट रही है?
पिछले 20 सालों में गौरैया की संख्या 60-70% तक घट चुकी है। इसके मुख्य कारण:
- शहरीकरण – पुराने मकानों की जगह कांक्रीट बिल्डिंग्स बनने से घोंसले की जगह खत्म
- मोबाइल टावर – इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन का असर (विवादित लेकिन शोध जारी)
- पेस्टिसाइड – खेतों में कीटनाशकों के इस्तेमाल से कीड़े खत्म, जो चिड़ियों का खाना है
- प्रदूषण – वायु प्रदूषण से सांस की समस्या
- बगीचे कम होना – शहरों में हरियाली घटने से खाना और शरण की कमी
गौरैया बचाने के लिए आप क्या कर सकते हैं?
- दाना-पानी रखें – छत या बालकनी में रोज़ अनाज और पानी का कटोरा रखें
- घोंसला बनाएं – लकड़ी का छोटा Bird House लगाएं
- पेड़ लगाएं – घर के आसपास देसी पेड़-पौधे लगाएं
- कीटनाशक कम करें – ऑर्गेनिक गार्डनिंग करें
- World Sparrow Day – हर साल 20 मार्च को मनाएं और जागरूकता फैलाएं
Bird Photography कैसे करें?
चिड़ियों की फोटोग्राफी एक बहुत ही सुंदर शौक है। कुछ टिप्स:
- सुबह जल्दी – चिड़ियां सुबह सबसे ज़्यादा एक्टिव होती हैं
- धीरज रखें – चुपचाप बैठकर इंतज़ार करें
- Zoom Lens – 200mm+ का लेंस बेस्ट है
- Burst Mode – कैमरे का Continuous Shooting मोड यूज़ करें
- Eye Level – चिड़िया की आंख की लेवल पर शूट करें
चिड़ियों से जुड़े प्रोडक्ट्स Amazon पर
- Bird House – गौरैया के लिए घोंसला
- Bird Feeder – बगीचे में दाना रखने का स्टैंड
- Binoculars – Bird Watching के लिए दूरबीन
- Camera Zoom Lens – Bird Photography के लिए
- Birds of India Book – भारत के पक्षियों की किताब
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1: गौरैया को English में क्या कहते हैं?
गौरैया को English में House Sparrow कहते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम Passer domesticus है।
Q2: World Sparrow Day कब मनाया जाता है?
20 मार्च को हर साल World Sparrow Day मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2010 में Nature Forever Society of India ने की थी।
Q3: गौरैया को कैसे आकर्षित करें?
छत या बालकनी में चावल, बाजरा, ज्वार जैसे अनाज और साफ पानी रखें। लकड़ी का Bird House लगाएं और आसपास पौधे रखें। कुछ दिनों में गौरैया आने लगेंगी।
Q4: क्या गौरैया को पालतू बना सकते हैं?
भारत में जंगली पक्षियों को पालतू बनाना Wildlife Protection Act के तहत गैरकानूनी है। लेकिन आप अपने घर के आसपास उनके लिए अनुकूल वातावरण बनाकर उन्हें आकर्षित कर सकते हैं।
Q5: भारत का राष्ट्रीय पक्षी कौन सा है?
भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर (Indian Peafowl) है। इसे 1963 में राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया था। मोर अपने खूबसूरत पंखों के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
निष्कर्ष
चिड़ियां प्रकृति का अनमोल उपहार हैं। गौरैया जैसी छोटी सी चिड़िया हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का ज़रूरी हिस्सा है। इनकी घटती संख्या चिंता का विषय है, लेकिन अगर हम सब मिलकर छोटे-छोटे कदम उठाएं – जैसे दाना-पानी रखना, Bird House लगाना, और पेड़ लगाना – तो इन प्यारी चिड़ियों को बचाया जा सकता है। आज ही अपनी छत पर एक कटोरा अनाज और पानी रखें – चिड़ियों की चहचहाहट से आपकी सुबह और भी खूबसूरत हो जाएगी!