भूख बढाने के लिए कुछ असरदार नुस्खे

भूख बढाने के लिए कुछ असरदार नुस्खे

हमारे शरीर के अन्दर की अग्नि खाये गये भोजन को पचाने में काम आती है। यदि यह अग्नि अगर मंदी हो जाये तो हमारे शरीर में भोजन ठीक तरह से नही पचता। भोजन के ठीक से ना पचने के कारण शरीर में बहुत सारे रोग पैदा हो जाते है। बिना नियमित खान-पान से वायु पित्त और कफ़ दूषित होती है।
Bhukh badhane ke saral upaay
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जिसकी वजह से हमें भूख लगनी बंद हो जाती है। शरीर भी टूटने सा लगता है।  हमारे मुंह का स्वाद भी बिगड जाता है। पेट में भारी पन सा महसूस होने लग जाता है। भूख ना लगने ने कि समस्या है तो आप कुछ उपाय अपना सकते है।
भूख बढाने के उपाय
 
1. अगर भूख नहीं लगती है तो आप आधा माशा सुहागा लेकर उसे एक कप गुनगुने पानी में दो तीन-बार ले लें आपकी भूख खुल जायेगी।
2. काला नमक तो शायद हर घर में होता होगा। काले नमक को चाटने से गैस पेट की गैस निकलती है। इससे भूख भी बढती है। काला नमक पेट को साफ़ करता है।
3. हरड का चूर्ण के साथ सौंठ और गुड  या फिर आप इसे सेंधे नमक के साथ भी  सेवन कर सकते हैं। इससे आपकी शरीर की मंदाग्नि ठीक होती है।
4. सेंधा और नमक और हींग या अजवायन इन सब को सम्मान भाग में लेकर कूट ले और कूट कर चूर्ण बना लें। और इस चूर्ण के अन्दर बराबर मात्रा में पुराना गुड मिला ले। ये मिलाने के बाद इसकी छोटी-छोटी गोलियां बना ले। और इसे हर रोज ताजे पानी में खाना खाने के बाद एक या दो गोली लें। इससे आपकी भूख खुल जायेगी और आपका हाजमा ठीक हो जायेगा।
5. छाछ को रोजाना पीने से शरीर की मंदाग्नि खत्म हो जाती है। या फिर सौंठ के चूर्ण को घी में मिला कर चाटने से और गरम पानी पीने से भूख बढती है।
6. भोजन करने से पहले एक अदरक में सेंधा नमक मिलाकर खाने से भूख बढती है।
7. लाल मिर्च को नीबू के रस में लेने से भूख बढती है
8. पके टमाटर की फाँके चूसने से आदमी की भूख खुल जाती है।
9. दो छुहारों का गूदा निकाल ले। इसको 300g दूध में पका लें और छुहारों को  निकलने पर दूध को पी लें इससे खाना पचता है और भूख भी ज्यादा लगती है।

One Reply to “भूख बढाने के लिए कुछ असरदार नुस्खे”

  1. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि- आपकी इस प्रविष्टि के लिंक की चर्चा कल शनिवार (08-10-2016) के चर्चा मंच "जय जय हे जगदम्बे" (चर्चा अंक-2489) पर भी होगी!
    शारदेय नवरात्रों की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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