सरकार ने लॉन्च किया एक ऐसा पेमेंट सिस्टम जिसके लिए नहीं होगी किसी मोबाइल फ़ोन की जरुरत, जाने कैसे करे इसका इस्तेमाल…..

Your thumb is your money

जी हां, आपने बिलकुल सही सुना सरकार ने आज आधार नंबर को भीम एप्प से जोड़ दिया है और अगले महीने सरकार आधार पे नाम का पेमेंट मॉड्यूल लांच करने जा रही है। ये बायोमेट्रिक आधारित पेमेंट मॉड्यूल होगा।

‘आधार पे’ के जरिये लोग अपने स्मार्टफोन से सिर्फ फिंगरप्रिंट्स का इस्तेमाल कर ट्रांजैक्शन्स कर सकते हैं। बता दें कि आधार पे पहले से चल रहे पेमेंट सिस्टम AEPS का मर्चेंट वर्जन है। आधार पे से आप आसानी से पेमेंट दे और ले सकतें हैं।

अनुमान यह है कि इस सेवा को नए वित्त वर्ष अप्रैल,2017 में लांच कर दिया जायेगा, 14 भारतीय बैंकों ने इसपर अपनी सहमति भी जताई है, लॉन्चिंग से पहले सरकार और भी बैंकों को इससे जोड़ने की बात कह रही है।


जो खास बात इस पेमेंट गेटवे को बाकि के पेमेंट गेटवे से अलग बनाती है वो है, इसके लिए किसी को भी पेमेंट करने के लिए आपको मोबाइल की भी जरूरत नहीं होगी। आपको दुकान पर जाकर सिर्फ अपना आधार नंबर बताना होगा और अंगूठे से आधार नंबर वेरीफाई करके आप पेमेंट कर सकेंगे।

सरकार ने बताया कि आधार पे से अब तक 14 बैंक जुड़ चुके हैं। सरकार दूसरे बैंकों को भी इससे जोड़ने की कोशिश कर रही है।

सरकार ने आँकंडे पेश करते हुए बताया कि आधार के जरिए देश के 1.11 बिलियन लोगों के पास यूनिक नंबर मौजूद हैं। वहीं देश के 390 मिलियन बैंक अकाउंट आधार कार्ड से जुड़े हुए हैं। इससे कैशलेस ट्रांसेक्शन्स में आसानी आएगी और लोगों के लिए इसका यूज़ कैश की लेनदेन से कहीं आसान होगा। 

फिलहाल बैंक डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए टू स्टेप वेरिफिकेशन मेथड का इस्तेमाल करते हैं। जल्द ही आधार पे पासवर्ड और पिन के जरिए होने वाले ऑनलाइन और कार्ड ट्रांजैक्शन्स की जगह ले लेगा। इस एप को ऐसे डिजाइन किया गया है जिससे कोई अशिक्षित व्यक्ति भी सिर्फ फिंगरप्रिंट्स के जरिए डिजिटल ट्रांजेक्शन कर पाएगा। इससे ट्रांजेक्शन के लिए कस्टमर को अपना आधार नंबर, बैंक का नाम (जिससे पैसा कटवाना है) और फिंगरप्रिंट देना होगा। 

फिलहाल आधार पे पर मर्चेंट्स का विश्वास जगाने की कोशिश की जा रही है। आधार पे के जरिए पेमेंट्स लेने के लिए दुकानदारों को 2000 रुपए की बायोमेट्रिक डिवाइस भी लेनी पड़ेगी। 

सरकार ऐसे मॉडल पर काम कर रही है जिससे डिवाइस की कीमत को मर्चेंट्स से धीरे-धीरे वसूला जाए। सरकार का मानना है कि मर्चेंट्स तभी इसके इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *